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नाकामी को हार ना बनने दें

किसी शायर ने यूँ ही नहीं कहा है, 'शहसवार ही गिरते हैं मैदान-ए-जंग में, वे तिफ्ल क्या गिरेंगे जो घुटनों के बल चलें।' मतलब ये है कि‍ जिंदगी कोई भी क्षेत्र हो, हर कोशि‍श के दो ही पहलू होते हैं, सक्‍सेस या फेलर। सक्‍सेस निश्चित रूप से हर किसी को खुशी देती है, हौसला बढ़ाती है, जबकि विफलता हमारा मोरल डाउन कर देती है।

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